डिजिटल पहचान से किसानों को मिल रहा योजनाओं का आसानी से लाभ
फार्मर रजिस्ट्री में अलीगढ़ की बड़ी छलांग, 4.10 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 91.92 फीसदी कार्य पूरा

अलीगढ़ किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की व्यवस्था अब तेजी से डिजिटल हो रही है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत अलीगढ़ में 4.10 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष करीब 3.77 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जा चुकी है। इसके साथ ही जिले ने 91.92 प्रतिशत उपलब्धि हासिल कर प्रदेश में 15वां स्थान प्राप्त किया है। शेष किसानों को जोड़ने के लिए प्रशासन ने अभियान को मिशन मोड में जारी रखने की रणनीति तैयार की है।फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की डिजिटल एवं विशिष्ट पहचान के साथ उनकी भूमि संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है इसका सबसे बड़ा फायदा यह हो रहा है कि किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में सहूलियत हो रही है। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से पात्र लाभार्थियों की पहचान और अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से हो सकेगी।एक रजिस्ट्री, कई योजनाओं तक आसान पहुंचजिलाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री केवल पंजीकरण की प्रक्रया नहीं, बल्कि किसानों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। इससे किसान की पहचान और भूमि संबंधी विवरण एकीकृत डिजिटल व्यवस्था में उपलब्ध होंगे। भविष्य में विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को बार-बार अपनी जानकारी उपलब्ध कराने की आवश्यकता भी कम होगी उन्होंने बताया कि अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। राजस्व, कृषि, पंचायत सहित संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर ग्राम स्तर पर कार्य को गति दी गई है। नाम मिसमैच, आदेश में नाम और अंश निर्धारण जैसे लंबित प्रकरणों के प्राथमिकता से निस्तारण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।शत–प्रतिशत लक्ष्य के लिए ग्रामवार अभियानप्रशासन द्वारा शेष किसानों की ग्रामवार सूची तैयार कर विशेष अभियान चलाया गया है धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों की नियमित समीक्षा, विशेष टीमों की तैनाती और भूमि संबंधी सत्यापन में तेजी लाकर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के लाभों की जानकारी देकर उन्हें पंजीकरण पूरा कराने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि हर पात्र किसान की डिजिटल पहचान तैयार हो और तकनीक के माध्यम से उसे सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से मिले।



