अलीगढ़

मा0 प्रभारी मंत्री ने जन-आक्रोश महिला सम्मेलन में आधी आबादी के हित की रखी बात

’यत्र नारी पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता’’ की मूल भावना हो, वहां महिला आरक्षण बिल में रोड़े अटकाना साबित करता है

अलीगढ़  : सनातन संस्कृति का इतिहास रहा है कि जब-जब महिलाओं के सम्मान एवं गरिमा को ठेस पहुॅचाई गई है स्वयं देवताओं ने इस धरा पर उतरकर संबल प्रदान कर उनके अस्तित्व की रक्षा की है। बात चाहे त्रेता में माता सीता के सम्मान की हो या द्वापर में द्रोपदी के सम्मान की राम-रावण और महाभारत का युद्ध इसका साक्ष्य है। जिस देश में ’’यत्र नारी पूज्यन्ते रमंते तत्र देवता’’ की मूल भावना हो, वहां महिला आरक्षण बिल में रोड़े अटकाना साबित करता है कि विपक्ष भारतीय संस्कृति से कोसों दूर है।
उक्त उद्गार प्रदेश के मा0 गन्ना विकास एवं चीनी मिलें और जनपद प्रभारी मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने सोमवार को जन-आक्रोश महिला सम्मेलन में व्यक्त किये। मा0 मंत्री जी ने कहा कि हम राम, कृष्ण और शिव के लिए केवल एक दिन का व्रत रखते हैं, लेकिन मॉ के लिए पूरी नवरात्रि में में व्रत रखते हैं, इसी से पता चलता है कि हमारी संस्कृति में महिलाओं को कितना उच्च स्थान दिया गया है। जो विपक्ष आज मुस्लिम महिला आरक्षण की बात कर रहा है उन्होंने तो तीन तलाक का भी विरोध किया था, उनका कार्य तो केवल विरोध ही करना है। जब उनके घर की महिलाएं चुनाव लड़ सकती हैं, सांसद-विधायक बन सकती हैं तो आम महिला क्यों नहीं। विवेकानंद जी ने भी विकसित समाज के लिए महिलाओं की 50 प्रतिशत भागेदारी की बात कही थी, और उन्हीं की विचारधारा को मोदी जी आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। श्रद्धेय बाबूजी कल्याण सिंह ने भी अपनी सरकार में 1998 में पति की मृत्यु के उपरांत महिलाओं को उनकी संपत्ति में बराबर की हिस्सेदारी का अधिकार दिया और अब मोदी-योगी सरकार में घरौनियों में महिलाओं को अधिकार दिया जा रहा है। 300 वर्ष पहले लोकमाता अहिल्याबाई ने जैसा शासन किया उसकी विश्व में कहीं मिसाल नहीं है। रानी लक्ष्मीबाई ने 22 वर्ष की उम्र में ही अग्रेजों के दांत खट्टे कर दिये थे। उन्होंने कहा कि आज हमारा दो तिहाई बहुमत नहीं है लेकिन आप सभी के सहयोग से वो दिन भी दूर नहीं है जब हम आवश्यक बहुमत प्राप्त कर महिलाओं को उनका अधिकार दिलाएंगे।
मा0 सदस्य उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग श्रीमती मीना कुमारी ने कहा कि हम महिलाएं पिछले 27 साल से जिस मौके का इंतजार कर रही थीं जब वह मौका आया तो सारा विपक्ष उसे रोकने के लिए एक हो गया। मोदी और योगी जी ने सदैव अपनी योजनाओं- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह, सुलभ शौचालय, उज्ज्वला में महिला हित को सर्वोपरि रखा है।
मा0 अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती विजय सिंह ने कहा कि यह जन आक्रोश का दिन है। हमारी सरकार नारी सुरक्षा व स्वावलंबन के तहत महिलाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। उन्होंने महिला शक्ति को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ’’फूल नहीं चिंगारी है-ये भारत की नारी है’’, हम नारी शक्ति के अधिकारो को लेकर रहेंगे।
मा0 विधायक इगलास श्री राजकुमार सहयोगी ने कहा कि महिला संगठनों की मांग को आगे बढ़ाते हुए मोदी जी ने जब 16, 17 व 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया तो महिलाओं को अपनी वर्षों पुरानी आस पूरी होते हुए लगी, पूरे देश की महिलाओं में जश्न का माहौल था लेकिन विपक्ष ने उसे पूरा नहीं होने दिया। अब महिलाओं के पास मौका है जब वह 2027 व 2029 में अपने वोट की ताकत से मोदी जी के हाथों को मजबूत करें।

क्षेत्र अध्यक्ष श्रीमती मधुलिका राघव ने कहा कि 2010 में भी बीजेपी ने विपक्ष में रहते हुए महिला आरक्षण बिल पास कराने का प्रयास किया। 2023 में सत्ता में रहते हुए इस शर्त के साथ पास कराया कि इसे जनगणना और परिसीमन के बाद लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में अब तक 1952, 1963, 1973 व 2002 में परिसीमन हो चुका है। 1973 में भी 543 लोकसभा सीट थीं और आज भी जबकि जनसंख्या कई गुना बढ़ चुकी है। विपक्ष अब परिसीमन का भी विरोध कर रहा है, जबकि बढ़ी हुई जनसंख्या के अनुसार परिसीमन हो जाना चाहिए।
सम्मेलन के उपरांत मा0 मंत्री ने महिलाओं के साथ जनआक्रोश रैली में प्रतिभाग कर विपक्ष का पूतला फूंका और महिलाओं को उनके हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने के प्रति आश्वस्त किया।
कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख धनीपुर पूजा दिवाकर, प्रदेश सह संयोजक एनजीओ नीतू चौधरी, जिला उपाध्यक्ष अम्बिका चौधरी, जिलाध्यक्ष महिला विंग सरिता माहेश्वरी, विभव वार्ष्णेय, ठा0 शल्यराज सिंह, कार्यक्रम संयोजक जिला महामंत्री श्री शिव नारायण शर्मा, अवध प्रकाश सिंह समेत अन्य पार्टी पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। अन्त में जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण पाल सिंह ने सभी आंगतुकों का आभार व्यक्त किया।

JNS News 24

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