अलीगढ़

ई-श्रम कार्ड धारकों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रित या नामिनी को मिलेंगे 02 लाख रूपये

हितलाभ योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं पंजीकृत श्रमिक

दिव्यांगता की स्थिति में भी 02 लाख रूपये तक की अनुग्रह राशि दिये जाने का है प्राविधान

 अलीगढ़ –उप श्रम आयुक्त सियाराम ने अवगत कराया है कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत असंगठित क्षेत्र कर्मकारों को अनुग्रह राशि मॉड््यूल के अन्तर्गत दुर्घटना में मृत्यु होने की दशा में उनके आश्रितों व दिव्यांग होने पर स्वयं द्वारा हितलाभ प्रदान किया जायेगा। उन्होंने बताया कि जिला अलीगढ़ में उक्त योजना के अन्तर्गत ई-श्रम पोर्टल असंगठित क्षेत्र के कुल 14,28,374 पंजीकृत श्रमिक हैं।

उन्होंने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड लखनऊ द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर 26 अगस्त 2021 से 31 मार्च 2022 तक या उससे पूर्व विभन्न श्रेणी में पंजीकृत असंगठित कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा संबंधी योजना से आच्छादित कराने के लिये जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति का गठन करते हुए उन्हें हितलाभ दिये जाने के आदेश दिये गये हैं।

          श्री सियाराम ने बताया कि तत्क्रम में असंगठित कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के दृष्टिगत “प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना” से आच्छादित किया जा रहा है। इस योजना के अन्तर्गत ई-श्रम पोर्टल पर 26 अगस्त 2021 से 31 मार्च 2022 तक या उससे पूर्व पंजीकृत असंगठित कर्मकारों या ई-श्रम कार्ड धारकों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रित या नामिनी को 02 लाख रूपये अथवा दिव्यांगता की स्थिति (दोनों आँख या दोनों हाथ या दोनों पांव, पूर्ण रूप से क्षति होने पर 02 लाख रूपये और एक हाथ या एक पांव की क्षति होने पर 01 लाख रूपये की) अनुग्रह राशि नियामानुसार प्रदान की जायेगी। उन्होंने बताया कि हितलाभ योजना का लाभ लेने के लिये दुर्घटना के कारण मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में ई-श्रम कार्ड धारक अथवा उसके आश्रित या नामिनी द्वारा वांछित अभिलेखों के साथ स्थानीय श्रम कार्यालय में अपना दावा प्रस्तुत करना होगा।

          डीएलसी ने मृत्यु होने की दशा में वांदित अभिलेखों की जानकारी देते हुए बताया कि दावेदार का आधार, यूएनए नम्बर, मृत्यु प्रमाण पत्र, मृत्यु के कारण का चिकित्सा प्रमाण पत्र, दुर्घटना के समय दर्ज की गयी एफआईआर या पंचनामा और दुर्घटना के कारण हुई मृत्यु के समर्थन करने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं दावेदार के नाबालिग होने की दशा में अभिभावक को दावा भरते समय जिला न्यायालय द्वारा जारी अभिभावक प्रमाण-पत्र करना होगा। इसी प्रकार दिव्यांगता की दशा में दावेदार का आधार नम्बर, यूएनए नम्बर, अस्पताल का रिकार्ड जिसमें दुर्घटना के कारण हुई दिव्यांगता का संकेत देने वाला डिस्चार्ज सारांश शामिल हो और राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश सरकार के अधिकृत संस्था द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण-पत्र अथवा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा जारी विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र (स्थाई) प्रस्तुत करना होगा।

          उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-श्रम कार्ड धारक उक्त अवधि में आयकर दाता या ईपीएफओ या ईएसआई के सक्रिय सदस्य नहीं होने चाहिए। योजना की विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय उप श्रमायुक्त, अलीगढ़ क्षेत्र, 02 जापान हाउस मैरिस रोड अलीगढ़ में सम्पर्क किया जा सकता है।

JNS News 24

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