गौ आश्रय स्थलों की जांच के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारी
संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत चेक लिस्ट थमाकर अधिकारियों के दिए आवश्यक निर्देश

अलीगढ़ : जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत जिले के समस्त गौ आश्रय स्थलों की व्यापक एवं तथ्यपरक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीडी डीआरडीए, डीडीओ, सीवीओ, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायतीराज अधिकारी, एक्सईएन आरईडी को नामित करते हुए निर्धारित निरीक्षण प्रपत्र के प्रत्येक बिंदु पर स्थलीय निरीक्षण कर विस्तृत आख्या निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर पूरी पारदर्शिता और गंभीरता के साथ किया जाए। निरीक्षण के दौरान गौ आश्रय स्थल पर संरक्षित गोवंश की वास्तविक संख्या, टैगिंग, बीमार एवं स्वस्थ पशुओं की पृथक व्यवस्था, चारे एवं भूसे की उपलब्धता, पशु आहार की खपत, पेयजल, साफ-सफाई, शेड, फॉगिंग, टीकाकरण, गोबर निस्तारण, बायोगैस एवं वर्मी कम्पोस्ट की स्थिति सहित सभी व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले तीन माह में गोवंश की मृत्यु, उसके कारण, पशुओं के उपचार एवं टीकाकरण, हरे चारे की उपलब्धता, चारागाह भूमि का उपयोग, भूसा भंडारण, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत सुपुर्द गोवंश, एनजीओ द्वारा संचालित गौशालाओं की कार्यप्रणाली और नवाचारों का भी सत्यापन किया जाए। निरीक्षण के समय संबंधित खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, पशु चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा व्यवस्थाओं में कमी पाई जाती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख करते हुए सुधारात्मक सुझाव भी दिए जाएं, ताकि गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने सभी नामित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निरीक्षण आख्या तथ्यपरक एवं प्रमाणिक हो, जिससे आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जा सके।



