काबड़ यात्रा 2026: मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश ने की वर्चुअल बैठक
काबड़ यात्रा को सुरक्षित एवं सांस्कृतिक ढ़ंग से संपन्न कराने के दिए निर्देश

अलीगढ़ मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शशि प्रकाश गोयल एवं पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण द्वारा कावड़ यात्रा-2026 के सकुशल संपादन के लिए सहारनपुर, मेरठ, अलीगढ़, आगरा मण्डल के जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि 30 जुलाई से पवित्र श्रावण मास आरम्भ हो रहा है इस अवधि में श्रावणी शिवरात्रि, नागपंचमी, रक्षाबंधन का त्योहार के साथ सावन के विशेष सोमवार के पर्व भी आएंगे इस दौरान परम्परागत ढ़ंग से काबड़ यात्राएं निकालते हुए श्रद्धालु भगवान शिव का प्राचीन मंदिरों में जलाभिषेक एवं दुग्धाभिषेक करेंगे। ऐसे में सभी को संवेदनशीलता के साथ सतर्क एवं सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है ऐसे में गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड, बेरीकेडिंग, प्रकाश एवं सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही आकस्किम स्थिति में गोताखोरों की भी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। उन्होंने काबड़ यात्रा मार्गों पर शराब एवं मीट की दुकानों को बंद रखने के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए लगने वाले शिविरों को भी सुरक्षा एवं मानक के अनुरूप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं ताकि अधिकारियों के मध्य सूचनाओं के आदान-प्रदान के साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भी सुगमता हो सके।पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह जन सामान्य से समन्वय बनाए रखें कावड़ यात्रा मार्ग पर स्वच्छता एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था होनी चाहिए। धर्म स्थलों के आसपास समुचित साफ सफाई व्यवस्था के साथ ही प्रतिबंधित पॉलीथिन का प्रयोग न हो, सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बारिश का समय है, विद्युत खम्भों में करंट उतरने की भी शिकायत रहती है, जर्जर विद्युत लाइनों एवं ट्रासफार्मर को बदला जाए ताकि कोई आकस्मिक दुर्घटना न हो। पुराने जर्जर भवनों पर लोग न चढ़ने पाए। उन्होंने आयोजकों से कांवड़ की ऊँचाई कम रखने की भी अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि काबड़ यात्रा के दौरान सभी प्रकार के धारदार हथियार एवं शस्त्र अस्त्र के प्रदर्शन पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर विशेष ध्यान देते हुए सुनिश्चित कराएं कि कोई भी भ्रामक या गलत खबर न फैले। जिलाधिकारी ने अविनाश कुमार ने बताया कि जिले में श्रद्धालु मुख्यतः रामघाट एवं सांकरा गंगा घाट से जल लेकर आते हैं जो अलीगढ़ के साथ ही अन्य जिलों के लिए जाते हैं। अधिकांश श्रद्धालु रामघाटकल्याण मार्ग से गुजरते हुए विकास खण्ड बिजौली के प्राचीन शिव मंदिर, अतरौली के बड़े महादेव, अलीगढ़ शहर के अचलेश्वर एवं खेरेश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक करते हैं। काबड़ यात्रा शहर के जिन प्रमुख मार्गों से गुजरती है उन मार्गों पर भारी वाहनों पर पाबंदी रखने के साथ ही बरसात से क्षत्रिग्रस्त मार्गों को दुरूस्त करने के निर्देश दिए गये हैं। खेरेश्वर मंदिर एवं अचलेश्वर में काफी भीड़ रहती है प्रबंधन कमेटी के सहयोग से प्रवेश एवं निकासी का अलग अलग मार्ग बनाने की व्यवस्था की गई है। नगर निगम, जलकल एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण कर समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए गये हैं।बैठक में एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव, सीएमओ, मुख्य अभियंता विद्युत, लोक निर्माण विभाग, आबकारी, आरटीओ समेत संबंधि पुलिस व विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।



