अलीगढ़

राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन से हर गौवंश की बनेगी डिजिटल पहचान

पशुपालकों को योजनाओं का मिलेगा पारदर्शी लाभ

अलीगढ़ : जिले में पशुधन प्रबंधन को आधुनिक, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में मिशन की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।बैठक का संचालन करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि अब तक पशुओं का कोई समेकित डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने से पशुधन संबंधी सूचनाओं के संधारण, योजनाओं के प्रभावी संचालन और निगरानी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के अंतर्गत अब प्रत्येक पशु का डिजिटल प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है, जिसमें उसकी यूनिक पहचान, नस्ल, स्वास्थ्य, टीकाकरण, स्वामित्व सहित अन्य आवश्यक विवरण ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे।उन्होंने बताया कि पशुपालकों के आधार नंबर को पशुओं की यूनिक आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक पूर्ण पारदर्शिता के साथ पहुंच सकेगा। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से पशुधन संबंधी योजनाओं की मॉनीटरिंग अधिक प्रभावी होगी तथा सेवा वितरण व्यवस्था भी सुदृढ़ बनेगी।बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन के माध्यम से निराश्रित एवं खुले में छोड़े जाने वाले गौवंश की समस्या केसमाधान में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। प्रत्येक पशु की डिजिटल पहचान और उसके स्वामी का विवरण दर्ज होने से परित्यक्त अथवा सड़कों पर छोड़े गए गौवंश की जिम्मेदारी निर्धारित करना आसान होगा। इससे पशुपालकों की जवाबदेही बढ़ेगी तथा गौवंश संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 त्रिपाठी ने बताया कि जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी हैं, जबकि मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सदस्य सचिव के रूप में मिशन के संचालन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। समिति की नियमित मासिक बैठकें आयोजित कर प्रगति की समीक्षा की जा रही है।मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने निर्देश दिए कि ब्लॉक स्तर पर भी नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं और पंचायत सचिवों की आधार आधारित आईडी एवं पासवर्ड निर्माण के लिए आवश्यक विवरण शीघ्र उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी एवं सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि आईडी निर्माण के कार्य में लोधा विकास खंड में 33, गोंडा में 19, खैर में 11, जवां में 7, चंडौस में 6 और इगलास में 4 सहित कुल 80 आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जबकि टप्पल, अकराबाद, अतरौली, बिजौली, धनीपुर एवं गंगीरी विकास खंडों में अभी प्रगति अपेक्षित है। वार्ड स्तर पर 80 एनडीएलएम अधिकारियों के सापेक्ष अब तक 10 अधिकारियों का चयन किया गया है। नगर निकायों में 108 एनडीएलएम अधिकारियों की नियुक्ति के लिए संबंधित व्यक्तियों के आधार कार्ड एवं फोटोग्राफ उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही जारी है।मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को मिशन को सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ व्यक्तिगत रुचि लेकर निर्धारित समय सीमा में लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल पशुधन मिशन पशुधन क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, जिससे नस्ल सुधार, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पशुपालकों की आय वृद्धि तथा पशुधन प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही को नई गति मिलेगी।

JNS News 24

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