अलीगढ़
परिषदीय विद्यालयों में खिल रही खेल प्रतिभाएं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच रहे खिलाड़ी
परिषदीय विद्यालयों में खिल रही खेल प्रतिभाएं, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच रहे खिलाड़ी

अलीगढ़: शिक्षा के साथ खेल संस्कृति को मजबूत बनाने की प्रदेश सरकार की मंशा जिले के परिषदीय विद्यालयों में प्रभावी रूप से साकार होती दिखाई दे रही है। बेसिक शिक्षा विभाग के सतत प्रयासों से विद्यालयों में नियमित खेल गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण अंचलों की खेल प्रतिभाएं अब राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 65 शारीरिक शिक्षा अनुदेशक एवं व्यायाम शिक्षक और करीब 200 बीपीएड, सीपीएड एवं डीपीएड प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों को नियमित खेल प्रशिक्षण दे रहे हैं। इनकी देखरेख में विद्यालयों में प्रतिदिन कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, योग, वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज, रस्साकशी एवं कुश्ती सहित अनेक खेलों का अभ्यास कराया जाता है। बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी नियमित रूप से दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि जिला व्यायाम शिक्षक सुशील कुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व में सभी विकास खंडों के व्यायाम शिक्षक एवं खेल प्रशिक्षक खेल प्रतिभाओं की पहचान, नियमित अभ्यास, प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिताओं की तैयारी तथा खेल सामग्री के प्रभावी उपयोग की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि जिले में खेल गतिविधियां निरंतर सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही हैं।उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इससे पूर्व विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर पर चयन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह के चलते प्रत्येक वर्ष प्रतिभागियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई स्पोर्ट्स ग्रांट से विद्यालयों को कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कैरम, शतरंज और योग मैट सहित विभिन्न खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। विद्यालयों में इनका नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।खेल मैदानों को लेकर भी विभाग गंभीर है। जिले के अनेक परिषदीय विद्यालयों में पर्याप्त एवं विस्तृत खेल मैदान उपलब्ध हैं, जहां प्रतिदिन अभ्यास कराया जाता है। जिन विद्यालयों में खेल मैदान उपलब्ध नहीं हैं अथवा आधारभूत सुविधाओं के विकास की आवश्यकता है, वहां विद्यार्थियों को निकटवर्ती खेल मैदानों एवं न्याय पंचायत स्तर पर उपलब्ध खेल स्थलों पर नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही शासन की योजनाओं के अंतर्गत खेल मैदानों के विकास एवं समतलीकरण का कार्य चरणबद्ध रूप से कराया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले की उपलब्धियां विभाग के प्रयासों की सफलता का प्रमाण हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स मेंपदक विजेता गुलवीर सिंह परिषदीय विद्यालय कंपोजिट विद्यालय सिरसा, विकास खंड बिजौली के छात्र रहे हैं, जबकि आकाश बालियान राष्ट्रीय स्तर के खो-खो खिलाड़ी हैं और खो-खो विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यह उपलब्धियां सिद्ध करती हैं कि परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर और मार्गदर्शन की होती है। विगत वर्ष आयोजित राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में अलीगढ़ ने 11 स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई। प्राथमिक विद्यालय बसेरा की खो-खो टीम ने राज्य स्तर पर प्रथम और बालिका कबड्डी टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त अनेक विद्यार्थियों ने मंडल एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद का गौरव बढ़ाया। विद्यालयों में खेल गतिविधियों के साथ योगाभ्यास, फिट इंडिया अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, व्यायाम, सांस्कृतिक गतिविधियां और आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है।आलोक सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग का लक्ष्य प्रत्येक छात्र-छात्रा को खेलों से जोड़ते हुए ग्रामीण प्रतिभाओं को जिले से लेकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और आने वाले समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों से और अधिक खिलाड़ी देश-विदेश में जिले का नाम रोशन करेंगे।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि जिले में वर्तमान में लगभग 65 शारीरिक शिक्षा अनुदेशक एवं व्यायाम शिक्षक और करीब 200 बीपीएड, सीपीएड एवं डीपीएड प्रशिक्षित शिक्षक विद्यार्थियों को नियमित खेल प्रशिक्षण दे रहे हैं। इनकी देखरेख में विद्यालयों में प्रतिदिन कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, योग, वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, शतरंज, रस्साकशी एवं कुश्ती सहित अनेक खेलों का अभ्यास कराया जाता है। बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी नियमित रूप से दिया जा रहा है।उन्होंने बताया कि जिला व्यायाम शिक्षक सुशील कुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व में सभी विकास खंडों के व्यायाम शिक्षक एवं खेल प्रशिक्षक खेल प्रतिभाओं की पहचान, नियमित अभ्यास, प्रशिक्षण शिविर, प्रतियोगिताओं की तैयारी तथा खेल सामग्री के प्रभावी उपयोग की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसी का परिणाम है कि जिले में खेल गतिविधियां निरंतर सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रूप से संचालित हो रही हैं।उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इससे पूर्व विद्यालय एवं ब्लॉक स्तर पर चयन प्रतियोगिताओं के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह के चलते प्रत्येक वर्ष प्रतिभागियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आलोक कुमार सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई स्पोर्ट्स ग्रांट से विद्यालयों को कबड्डी, खो-खो, एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कैरम, शतरंज और योग मैट सहित विभिन्न खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। विद्यालयों में इनका नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है।खेल मैदानों को लेकर भी विभाग गंभीर है। जिले के अनेक परिषदीय विद्यालयों में पर्याप्त एवं विस्तृत खेल मैदान उपलब्ध हैं, जहां प्रतिदिन अभ्यास कराया जाता है। जिन विद्यालयों में खेल मैदान उपलब्ध नहीं हैं अथवा आधारभूत सुविधाओं के विकास की आवश्यकता है, वहां विद्यार्थियों को निकटवर्ती खेल मैदानों एवं न्याय पंचायत स्तर पर उपलब्ध खेल स्थलों पर नियमित अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही शासन की योजनाओं के अंतर्गत खेल मैदानों के विकास एवं समतलीकरण का कार्य चरणबद्ध रूप से कराया जा रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले की उपलब्धियां विभाग के प्रयासों की सफलता का प्रमाण हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स मेंपदक विजेता गुलवीर सिंह परिषदीय विद्यालय कंपोजिट विद्यालय सिरसा, विकास खंड बिजौली के छात्र रहे हैं, जबकि आकाश बालियान राष्ट्रीय स्तर के खो-खो खिलाड़ी हैं और खो-खो विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। यह उपलब्धियां सिद्ध करती हैं कि परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर और मार्गदर्शन की होती है। विगत वर्ष आयोजित राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में अलीगढ़ ने 11 स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई। प्राथमिक विद्यालय बसेरा की खो-खो टीम ने राज्य स्तर पर प्रथम और बालिका कबड्डी टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त अनेक विद्यार्थियों ने मंडल एवं राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जनपद का गौरव बढ़ाया। विद्यालयों में खेल गतिविधियों के साथ योगाभ्यास, फिट इंडिया अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम, व्यायाम, सांस्कृतिक गतिविधियां और आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है।आलोक सिंह ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग का लक्ष्य प्रत्येक छात्र-छात्रा को खेलों से जोड़ते हुए ग्रामीण प्रतिभाओं को जिले से लेकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है और आने वाले समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों से और अधिक खिलाड़ी देश-विदेश में जिले का नाम रोशन करेंगे।



